देश के व्यंग्यकारों का एक नया नामकरण हुआ है एक सभा में कहा गया कि व्यंग्यकार समाज के धोबी हैं मुझे इस नामकरण में दम लगा सो अपनी भी राय इस बारे में लिखने का प्रयास कर रहा हूँ व्यंग्य कारों से क्षमा याचना सहित ...क्योंकि व्यंग्य है किसी को भी बुरा लग सकता है ।
रविवार, 26 अगस्त 2012
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