दिशानायक का बदल गया है आज पुराना आचरण
जीवन में वह बना रहा है स्वार्थ भरे ही समीकरण
सत्ता के मद में भूला है वह अपनी औकात यहाँ
इसीलिए सत्ता में बदली आदर्शों की व्याकरण ।।
जीवन में वह बना रहा है स्वार्थ भरे ही समीकरण
सत्ता के मद में भूला है वह अपनी औकात यहाँ
इसीलिए सत्ता में बदली आदर्शों की व्याकरण ।।
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