आज का चिंतन :
वर्तमान दौर आम आदमी को बलि का बकरा बना दिया गया है,न कोई अपील न सुनवाई सीधे सूली पर उसे लटकाया जा रहा है ।इतनी अधिक महंगाई कर दी गयी है,कि आम आदमी का स्वांस लेना दूभर हो रहा है,ऐसे में सवाल यह है कि कॉँग्रेस का हाथ आखिर कब तक आम आदमी की कमर पर हथौड़ा बनकर चलेगा ?
वर्तमान दौर आम आदमी को बलि का बकरा बना दिया गया है,न कोई अपील न सुनवाई सीधे सूली पर उसे लटकाया जा रहा है ।इतनी अधिक महंगाई कर दी गयी है,कि आम आदमी का स्वांस लेना दूभर हो रहा है,ऐसे में सवाल यह है कि कॉँग्रेस का हाथ आखिर कब तक आम आदमी की कमर पर हथौड़ा बनकर चलेगा ?