गुरुवार, 30 अगस्त 2012

मुंबई हमलों के आरोपी आतंकी अजमल कसाब की फाँसी की सजा को माननीय उच्चतम न्यायालय ने बरकरार रखा है,संसद पर हमले में आतंकी अफज़ल गुरु को बरसो पहले से यही सज़ा दी जा चुकी है,मगर अभी तक इन दोनों आतंकियों के गले के लिए फाँसी का फंदा तैयार नहीं हुआ है,न जाने वह दिन कब आएगा,जब इन आतंकियों को सजा वास्तव में मिलेगी ?

रविवार, 26 अगस्त 2012

Ashawadi Post: देश के व्यंग्यकारों का एक नया नामकरण हुआ है एक सभा...

Ashawadi Post: देश के व्यंग्यकारों का एक नया नामकरण हुआ है एक सभा...: देश के व्यंग्यकारों का एक नया नामकरण हुआ है एक सभा में कहा गया कि व्यंग्यकार समाज के धोबी हैं मुझे इस नामकरण में दम लगा सो अपनी भी राय इस ब...
देश के व्यंग्यकारों का एक नया नामकरण हुआ है एक सभा में कहा गया कि व्यंग्यकार समाज के धोबी हैं मुझे इस नामकरण में दम लगा सो अपनी भी राय इस बारे में लिखने का प्रयास कर रहा हूँ व्यंग्य कारों से क्षमा याचना सहित ...क्योंकि व्यंग्य है किसी को भी बुरा लग सकता है ।

गुरुवार, 23 अगस्त 2012

दिशानायक का बदल गया है आज पुराना आचरण
जीवन में वह बना रहा है स्वार्थ भरे ही समीकरण
सत्ता के मद में भूला है वह अपनी औकात यहाँ
इसीलिए सत्ता में  बदली आदर्शों की व्याकरण ।।
चोरी और सीनाजोरी यदि इस कहावत को चरितार्थ होता हुआ देखना है तो कॉँग्रेस के आचरण में देख लीजिए ,कोयला आवंटन में हुई घपलेबाजी पर जब कॉँग्रेस चौतरफा घिर रही है तब कमान स्वयं सोनिया गाँधी ने   संभाल ली है,उसने अपने युवा सांसदों को आगे करके इन हमलों का मुंहतोड़ ज़वाब  देने के लिए कमर कस ली है ,निसंदेह इससे अधिक शर्मनाक स्थिति और क्या होगी,जब सत्ता अपने कारनामों को छुपाने के लिए ओछी हरकतों पर उतर आये,समस्या यह भी है कि मौजूदा दौर में सशक्त विकल्प का न होना भी राष्ट्रघाती सिद्ध हो रहा है,जिसका लाभ कॉँग्रेस उठाने में पीछे नहीं है ।