मैंने यूँ ही सच कह दिया था
मज़ाक मज़ाक में
और तुम बुरा मान गए
सच ही तो है
अब सच मज़ाक लगता है
और झूठ सच
तभी तो तुम भी झूठ पर विश्वास करके
सत्य को झुठलाते हो
झूठ पर मुस्कराते हो
और सच सुनकर बुरा सा मुँह बनाते हो
गोया सच की कड़वाहट
विषैला कर गयी हो तुम्हारा
अपना बुना हुआ चटखारेदार स्वाद ...?
- सुधाकर आशावादी
मज़ाक मज़ाक में
और तुम बुरा मान गए
सच ही तो है
अब सच मज़ाक लगता है
और झूठ सच
तभी तो तुम भी झूठ पर विश्वास करके
सत्य को झुठलाते हो
झूठ पर मुस्कराते हो
और सच सुनकर बुरा सा मुँह बनाते हो
गोया सच की कड़वाहट
विषैला कर गयी हो तुम्हारा
अपना बुना हुआ चटखारेदार स्वाद ...?
- सुधाकर आशावादी