जहाँ लोगों पर अपना घर संभालना भारी पड़ता है,वहाँ देश सँभालने की बात बहुत बड़ी है । भारत वैसे ही विषमताओं का देश है, कॉंग्रेस हो या भाजपा यदि महंगाई पर अंकुश नहीं लगा सकते या अलगावी चिंतन से देश को निजात नहीं दिला सकते,तो चाहे कितने ही चिंतन कर लें ,सभी निरर्थक हैं ।
- आशावादी
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